युवती की अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी, शादी भी तुड़वा दी, युवक को अब हुई सजा

रायगढ़। दोस्ती होने के बाद युवती को प्रेमजाल में फांस कर उसके साथ अनाचार करने एवं बदनाम करने की नीयत से अश्लील फोटो को वायरल करने वाले मनचले आशिक को न्यायालय ने दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं बीस हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। उक्त वाकया चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनवरी 2019 में युवती का मोबाईल में लाईक एप्प के जरिये बबलू सरोज नाम के युवक के साथ परिचय हुआ। परिचय होने के बाद दोनों जिला न्यायालय के पिछे स्थित तालाब के पास मिले।

इस मुलाकात के बाद दोनों आपस में मिलने लगे। वहीं मई 2019 को युवती पॉलिटेक्निक कॉलेज जा रही थी तभी रास्ते में बबलू मिला और उसे बाईक में बिठा कर अपनी मुंह बोली बहन के घर ले गया जहां उसकेे साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद बबलू ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने वाली बात सब को बता देने की धमकी देते हुए लगातार उसके साथ अनाचार करता रहा। वहीं पीडि़ता का उसने अश्लील फोटो भी खींच लिया था जिसे वायरल करने की भी वह धमकी देता था। इसी बीच पीडि़ता के परिजनों ने शादी के लिए पारिवारिक रजामंदी से रिश्ता तय किये थे परंतु बबलू ने वर पक्ष के लोगों को पीडि़ता का अश्लील फोटो भेज कर रिश्ता तुड़वा दिया था।

इससे परेशान हो कर उसने परजिनों के सलाह मशवरा के बाद चक्रधरनगर थाने में आप बीती बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर आरोपी बबलू सरोज पिता बाबुराम सरोज निवासी बलरामपुर जिला अंतर्गत शाहदुल्ला नगर ग्राम कुकुरभुकवा तथा हाल मुकाम ढिमरापुर रायगढ़ के विरूद्ध भादंवि की धारा 376, 509 (ख) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ई एवं 67 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया था। वहीं फास्ट ट्रेक कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगदीश राम ने उभय पक्ष की सुनवाई तथा गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बबलू सरोज को दोषी करार देते हुए भादवि की धारा 376 के अपराध के लिए 10 वर्ष के सश्रम कारवास व 5 हजार रूपए का अर्थदण्ड, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ई  के अपराध के लिए दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच हजार रूपए का अर्थदण्ड, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के लिए तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। सभी सजाएं साथ साथ चलेगी। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक हरिलाल पटेल ने की।