करंट हादसे में कृषि अधिकारी की मौत को महीना बीता, परिजन बोले:“पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही, कार्रवाई नहीं”

लैलूंगा के खम्हार गांव में करंट की चपेट में आकर कृषि विस्तार अधिकारी की मौत के मामले में पुलिस जांच की धीमी रफ्तार पर मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को परिजनों ने रायगढ़ पहुंचकर एसपी से मुलाकात की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना है कि घटना को लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है।

घटना 12 अक्टूबर की है, जब कृषि विस्तार अधिकारी लाल कुमार साहू जब रात को अपने खेत गए थे।वहां बिछाए गए करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ था कि करंट वन्य प्राणियों के शिकार के उद्देश्य से लगाया गया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच में गंभीरता नहीं बरत रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वन विभाग ने हाल ही में करंट से हुई हाथी की मौत के मामले में मात्र दो दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, वैसी तत्परता पुलिस ने उनके मामले में नहीं दिखाई। परिजनों का कहना है कि कृषि अधिकारी की मौत भी लापरवाही और अवैध गतिविधि का परिणाम है। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे उन्हें पुलिस की ओर से आश्वासन मिलता है कि जांच जारी है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है। इससे परिजनों में निराशा और रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।