सार्वजनिक बोर पम्प मामले से जुड़ा विवाद,सरपंच ने रखा पक्ष
सामाजिक बहिष्कार के आरोप पर चली थी खबरें
घरघोड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रूमकेरा में सरपंच के खिलाफ लगाए गए सामाजिक बहिष्कार के आरोपों पर सरपंच ने सफाई दी है। सरपंच का कहना है कि पीड़ित परिवार द्वारा की गई शिकायत पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, उसने कुछ दिन पहले गांव के सार्वजनिक बोर का पंप निकालकर ले गया था, जिसकी लिखित शिकायत थाना स्तर पर पहले ही की जा चुकी है। उसी रंजिश के चलते वह व्यक्ति आज गांव में बन रहे भवन निर्माण कार्य का भी विरोध कर रहा है, जबकि भवन की स्वीकृति से लेकर पूरी प्रक्रिया तक हर बैठक में वह शामिल रहा और तब किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई। सरपंच का कहना है कि अब जानबूझकर बहिष्कार की झूठी शिकायत कर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
भवन निर्माण को लेकर उठाया विवाद
सरपंच ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता व्यक्ति स्वयं ग्रामसभा की बैठकों में उपस्थित रहता था और भवन निर्माण की प्रक्रिया पर सहमति भी देता था। इसके बावजूद अब जब कार्य प्रगति पर है, तो बेवजह आपत्ति उठाई जा रही है। सरपंच का कहना है कि किसी भी परिवार का सामाजिक बहिष्कार नहीं हुआ है और न ही गांव के लोगों से उनका हुक्का-पानी बंद करने की कोई बात सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की ओर से उठाई गई यह पूरी कहानी मात्र एक षड्यंत्र है, जिससे व्यक्तिगत द्वेष को हवा दी जा रही है। सरपंच ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष अपनी बात को एन केन प्रकारेण मनवाने के लिए लगातार इस तरह की शिकायतें कर रहा है।
ग्रामीणों से भी बातचीत,मामला प्रशासन के संज्ञान में
जांच के दौरान अधिकारियों ने गांव के कुछ लोगों से बातचीत की। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने सरपंच के पक्ष में बोलते हुए कहा कि सामाजिक बहिष्कार की बात सही नहीं है और गांव में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने इस पूरे विवाद को व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा बताया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और आगे की जांच का आश्वासन दिया। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





