रायगढ़ में एक बार फिर से हाथी ने बेबी एलीफेंट को जन्म दिया है। घरघोड़ा रेंज में शावक के जन्म की जानकारी होने पर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वहीं अब अधिकारी मौके पर पहुंचकर मादा हाथी और शावक की निगरानी में जुट गए हैं।घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में कटंगडीह परिसर के जंगल में हाथियों की मौजूदगी थी। जहां तड़के करीब 3 बजे हाथी के चिंघाड़ने की आवाज ग्रामीणों ने सुनी। इसके बाद सुबह ग्रामीणों ने केराबहाल के राजस्व भूमि क्षेत्र में देखा कि एक मादा हाथी अपने नन्हें शावक के साथ है और उस शावक का जन्म सुबह ही हुआ है।धीरे-धीरे काफी संख्या में ग्रामीण यहां इक्ट्ठा हो गए। इस दौरान मादा हाथी और शावक का वीडियो भी बनाया गया। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन अमला को दी। जिसके बाद फौरन घरघोड़ा रेंजर समेत अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे। मादा हाथी को उसके दल में मिलाने के लिए ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है।
घरघोड़ा रेंज में 36 हाथी मौजूद
घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में 47 हाथियों का दल मौजूद था, लेकिन रात में 11 हाथी दूसरे रेंज की ओर चले गए। इससे यहां वर्तमान में 36 हाथी 2 दल में बंटे हुए हैं। दोनों दलों की निगरानी वन अमला कर रहा है। ताकि किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो।घरघोड़ा रेंजर सीके राठिया ने बताया कि सुबह ग्रामीणों ने हाथी शावक को लेकर सूचना दी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंच गई।मादा हाथी और उसका शावक दल से अलग है। ऐसे में उन्हें झुंड में मिलाने के लिए ड्रोन से निगरानी की जा रही है। घरघोड़ा रेंज के जंगल में 36 हाथी विचरण कर रहे हैं।





