“खाद वितरण बंद, फसल बर्बादी की कगार पर – प्रशासन के खिलाफ भड़के किसान, आंदोलन की चेतावनी”

 

“रायगढ़ में खाद का किल्लत,किसान मजबूर होकर महंगे दाम पर खरीदने को विवश”

रायगढ़।– घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम कुर्मीभौना के किसानों ने गंभीर समस्या को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि आदिवासी जाति सहकारी समिति द्वारा इस बार समय पर खाद का वितरण नहीं किया गया, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं।

किसानों ने बताया कि समिति से बार-बार पूछने पर केवल यही कहा जा रहा है कि “खाद उपलब्ध नहीं है, जैसे ही होगा, सूचना दे दी जाएगी।” वहीं खरीफ सीजन के बीच समय पर खाद नहीं मिलने से धान की फसल सूखने और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। किसान मजबूर होकर निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं।

ज्ञापन में किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही खाद उपलब्ध नहीं कराया गया, तो तीन दिनों के भीतर किसान सामूहिक रूप से सांकेतिक धरना प्रदर्शन करेंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।किसानों का कहना है कि समय पर खाद उपलब्ध न होने से उनकी मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो रही है। सहकारी समितियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर निजी उर्वरक विक्रेता इसका फायदा उठाकर खुलेआम काला बाजारी कर रहे हैं।

ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।ये समस्या सिर्फ कुर्मीभौना ही नहीं, बल्कि रायगढ़ जिले के कई गांवों में किसानों को झेलनी पड़ रही है। सवाल ये है कि जब सरकार खाद की आपूर्ति का दावा करती है, तो फिर किसानों तक यह समय पर क्यों नहीं पहुंच रही?