रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों के चेहरे बदले हुए दिखाई देंगे। भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्षों काचुनाव 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। 35 से 45 साल की उम्र के युवाओं को ही मंडल अध्यक्ष की कमान सौंपी जाएगी। इसी तरह 15 दिसंबर के बाद जिलाध्यक्षों के चुनाव होंगे। इनके लिए आयु सीमा 55 से 60 साल निर्धारित की गई है।वहीं कांग्रेस संगठन में जिलों और प्रदेश बॉडी में जल्द ही नई नियुक्तियां होने जा रही है। दरअसल छत्तीसगढ़ में भाजपा का संगठन चुनाव चल रहा है।मंडल अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरु हो गई है। लगभग 25 हजार बूथों में कमेटियां बनानी हैं, इसमें से 23 हजार बूथों में कमेटियां गठित कर दी गई है। बताया गया है कि भाजपा केनए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अगले साल जनवरी में होना है। इसके पहले देश के सभी राज्यों में भाजपा के संगठन चुनाव हो रहे हैं।छत्तीसगढ़ में भी 20 नवंबर से बूथ कमेटियां का चुनाव शुरू हो चुका है।सर्वसम्मति से एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश होगी – प्रदेश भाजपा के संगठन चुनाव प्रभारी खूबचंद पारख ने बताया कि भाजपा के 405 मंडलों में चुनाव के लिए 15 दिसंबर तक का समय तय किया गया है। जो भी दावेदार होंगे उनसे पर्यवेक्षक और जिलों के पदाधिकारी बात करके सर्वसम्मति से मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति करेंगे जहां पर सर्वसम्मति नहीं बन पाएगी वहां पर मतदान से चुनाव कराए जाएंगे। इसी तरह की प्रक्रिया 15 दिसंबर के बाद शुरू होने वाले जिला संगठन के चुनाव में भी अपनाएंगे। इसके बाद प्रदेश बॉडी के शेष पदों पर नियुक्तियों के प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाएगी कांग्रेस, तेज तर्रार नेताओं को मौका
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी संगठन में नियुक्ति के लिए अपनी कसरत शुरू कर दी है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही अटकलें थी कि जिलाध्यक्ष बदले जाएंगे लेकिन लगातार पार्टी के कार्यक्रमों और फिर उपचुनाव के कारण कहीं न कहीं इसमें देरी होती रही, लेकिन अब माना जा रहा है कि निकाय चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी अपने दस से ज्यादा जिलों के अध्यक्ष बदलने की तैयारी कर रही है। दरअसल इनमें ऐसे जिलाध्यक्षों के नाम शामिल हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका और वहीं जो अपने जिलों में जरूरत से ज्यादा निष्क्रिय हैं। उनके स्थान पर सक्रिय और तेज तर्रार नेताओं को तरजीह दी जाएगी।
पीसीसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिलाध्यक्षों की सूची लगभग तैयार कर ली गई है।इसी तरह प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जो सिर्फ नाम पट्टिका लगाकर अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं पार्टी संगठन के लिए उनका कोई योगदान नहीं है. इसके अलावा सचिव, सयुक्त सचिवों के पदों पर भी नई नियुक्तियां दी जाएगी। कहा यह भी जा रहा है कि मीडिया डिपार्टमेंट में कुछ और नए लोगों को जोड़ जा सकता है।





