परख मूल्यांकन एंट्री में छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की परेशानी, साइट क्रैश से बढ़ा तनाव

 

 

छत्तीसगढ़ राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के शिक्षक इन दिनों परख मूल्यांकन की ऑनलाइन एंट्री को लेकर परेशान हैं। शासन द्वारा ओएमआर शीट के जरिए राज्य स्तर पर परख मूल्यांकन का मॉक टेस्ट आयोजित किया गया था, लेकिन एंट्री के लिए बनाई गई साइट ने शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले दो दिनों से साइट या तो खुल नहीं रही है, या बार-बार क्रैश हो रही है, जिससे शिक्षकों का काम प्रभावित हो रहा है।  

शिक्षकों ने बताया कि एंट्री की समय सीमा सीमित है और साइट की समस्याओं के चलते वे रात-दिन संघर्ष कर रहे हैं। शासन की ओर से निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया पहली बार में ही सवालों के घेरे में आ गई है। शिक्षकों का कहना है कि साइट की खराबी उनके समय और शैक्षणिक कार्यों को प्रभावित कर रही है।  

ऑनलाइन एंट्री में उलझने से प्रभावित हो रही पढ़ाई

शिक्षक अपनी नियमित कक्षाओं को छोड़कर अधिकांश समय साइट पर एंट्री करने में लगा रहे हैं। इसके कारण स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्र-छात्राओं को नियमित शिक्षण कार्य न मिलने के कारण उनकी शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई शिक्षक अपने व्यक्तिगत समय का उपयोग भी इस काम में कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी खामियां उनके प्रयासों को विफल कर रही हैं।  

नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में शिक्षकों की बड़ी समस्या

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती है। इन क्षेत्रों के शिक्षक एंट्री के लिए पास के शहरों या इंटरनेट सुविधा वाले इलाकों तक जाने को मजबूर हैं। इसके कारण उनकी ऊर्जा और समय का बड़ा हिस्सा यात्रा में खर्च हो रहा है। ऐसे में न केवल शिक्षक परेशान हैं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षकों ने मांग की है कि नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक प्रक्रिया तय की जाए।  

शिक्षकों की अपील:

शिक्षकों ने शासन से मांग की है कि साइट की समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जाए या एंट्री की समय सीमा बढ़ाई जाए। साथ ही, नेटवर्क विहीन क्षेत्रों के लिए ऑफलाइन एंट्री या सरल विकल्प उपलब्ध कराए जाएं ताकि राज्य की शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो।  

 

(रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ शिक्षा संवाददाता)