प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत किस्त की राशि लेने के बाद भी मकान निर्माण शुरू नहीं करने या लंबे समय से अधूरा काम छोड़ने वाले हितग्राहियों पर अब नगर निगम सख्ती करने की तैयारी में है। निगम ने ऐसे हितग्राहियों को 30 सितंबर 2026 तक आवास निर्माण पूरा करने का अंतिम अवसर दिया है।
निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा नहीं होने पर योजना के तहत आगे की राशि जारी नहीं की जाएगी। वहीं, जिन लोगों ने शासकीय राशि लेने के बावजूद मकान निर्माण नहीं कराया है, उनसे नियमों के अनुसार राशि की वसूली भी की जा सकती है।
अधूरे आवासों की हो रही जांच
नगर निगम की टीम योजना के अंतर्गत लंबित और अधूरे पड़े आवासों का स्थलवार निरीक्षण कर रही है। निरीक्षण के दौरान हितग्राहियों को जल्द से जल्द निर्माण पूरा कराने की समझाइश दी जा रही है।
निगम के अनुसार, जिन हितग्राहियों ने राशि मिलने के बावजूद मकान का काम शुरू नहीं किया है या लंबे समय से निर्माण अधूरा छोड़ रखा है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के सभी लंबित मामलों की नियमित निगरानी और स्थलवार समीक्षा के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
उन्होंने कहा कि शासन ने पात्र परिवारों को पक्का मकान बनाने के उद्देश्य से सहायता राशि उपलब्ध कराई है। इसलिए इस राशि का उपयोग केवल निर्धारित आवास निर्माण कार्य में होना चाहिए। जिन हितग्राहियों ने किस्त लेने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं किया है, उनके मामलों में नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हितग्राहियों के लिए जरूरी बात
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को 30 सितंबर 2026 से पहले अपने आवास का निर्माण पूरा कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर अगली किस्त रुक सकती है और बिना निर्माण राशि लेने वाले हितग्राहियों से सरकारी धन की वसूली की कार्रवाई भी शुरू हो सकती है।





