घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम देवगढ़ में पारिवारिक संपत्ति को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्वर्गीय सोनामती चौहान के उत्तराधिकारियों ने महेंद्र कुमार पाल, निवासी कुनकी कलां शांतिपारा बतौली पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने सोनामती के कोरे कागज़ पर जाली हस्ताक्षर कर खुद को उनका निवासी और लाभार्थी दिखाने का प्रयास किया।आवेदिका जमनादाई, रजनी, रोहणी और रूपवती चौहान ने थाना घरघोड़ा में लिखित आवेदन देकर इस पूरे मामले में फर्जीवाड़े की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पारिवारिक संपत्ति और जीपीएफ की रकम को लेकर विवाद
आवेदन के अनुसार, स्वर्गीय सोनामती चौहान, पत्नी स्व. हलसाय चौहान, ग्राम देवगढ़, थाना घरघोड़ा की निवासी थीं।उनके पति स्वर्गीय हलसाय चौहान ने अपनी सेवाकाल के दौरान लगभग 10 एकड़ जमीन खरीदी थी, और सेवानिवृत्ति के बाद का जीपीएफ (GPF) का 8,96,000 रुपये का भुगतान उनके नाम पर प्राप्त हुआ था।सोनामती चौहान को नियमित पेंशन भी प्राप्त होती थी और उन्होंने स्टेट बैंक घरघोड़ा में एक लाख रुपये की सावधि जमा (FD) भी कर रखी थी, जिसकी नॉमिनी उनकी पुत्री राजकुमारी थीं।
परिवार में उनकी चार बेटियाँ- जमुनादाई, रजनी, राजकुमारी और रूपमती – शामिल हैं। परिवार के अनुसार, सोनमती अपनी मृत्यु तक आर्थिक रूप से संपन्न थीं और देवगढ़ स्थित अपने घर में रहकर जीवनयापन करती थीं।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि महेंद्र कुमार पाल, जो कि कुनकी कलां, शांतिपारा बतौली के निवासी हैं, ने कोरे कागज़ पर सोनमती चौहान के फर्जी हस्ताक्षर कर एक दस्तावेज तैयार किया, जिसमें उन्होंने खुद को सोनमती का वसीयतदार और प्रतिनिधि बताया।

परिवार ने घरघोड़ा थाना प्रभारी से महेंद्र कुमार पाल के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की मांग की है।साथ ही, उन्होंने अपनी माँ की वसीयत की प्रति भी आवेदन के साथ संलग्न की है ताकि दस्तावेज़ों की सत्यता की तुलना की जा सके।





