नशे में गाड़ियों से अवैध वसूली की शिकायत
एसईसीएल की छाल माइंस में मंगलवार की देर रात कोयला लोड वाहनों से पुलिस आरक्षकों द्वारा शराब के नशे में अवैध वसूली की जा रही थी। आला अफसरों तक यह शिकायत पहुंची तो देर रात 3 आरक्षकों का डाक्टरी मुलाहिजा कराया गया। हालाकि उसमें एल्कोहल लेने की पुष्टि तो नहीं हुई। खाकी पर वसूली के आरोप लगे तो अब छाल टीआई दूसरी कहानी पेश कर रहे हैं।छाल एसईसीएल कोयलांचल क्षेत्र होने के कारण मूलभूत सुविधाओं से क्षेत्र भले ही वंचित हो किंतु काली कमाई के लिए मशहूर है।यहां हर कोई कोयले की कालिख में रंगने को तैयार है । छाल एसईसीएल उपक्षेत्र में आए दिन नए नए कारनामे देखने सुनने को मिल रहे हैं।हर कोई समय अनुकूल काली कमाई में अपना सहभागिता के साथ कमाई कर रहे है जहां कोयले के चोरी, कोयले की क्वालिटी से जुड़े खेल एसईसीएल प्रबंधन व उनके कर्मचारियों के द्वारा लिफ्टरों के मिलीभगत में कर रहे हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार व बुधवार की दरम्यानी रात में छाल खदान में डीओ के अंतिम दिन होने को लेकर लिफ्टरों में गाड़ियों को लेकर मारा मारी चल रही थी ।
बताया जाता है कि इस दौरान छाल पुलिस के कुछ आरक्षक वाहनों को रोककर वसूली करने लगे। उस वक्त करीब ढाई सौ से तीन सौ भारी वाहन कतार में थे ।मामला गर्माया तो किसी ने आला अफसरों को शिकायत कर दी कि शराब के नशे में पुलिस के आरक्षक वसूली कर रहे हैं।जिसके बाद मामले को सेटल करने के लिए उनका डाक्टरी मुलाहिजा कराया गया। हालाकि रहस्यमयी तरीके से उसमें तीनों आरक्षक की रिपोर्ट आल इज वेल बताई गई। वहीं टीआई इसमें सफाई देते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दूसरी कहानी बता रहे हैं।
आरक्षकों द्वारा वाहन चालकों से वसूली करने के आरोप गलत हैं झूमाझटकी होने के कारण आरक्षकों का डॉक्टरी मुलाहिजा कराया गया है। शराब के नशे में कोई नहीं था ।
हर्षवर्धन सिंह बैस, टीआई छाल





