भाजपा नेता लगा रहे एसडीएम घरघोड़ा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

10% कमीशन बिना नहीं हो सकता कम…..???

 

घरघोड़ा: देश में बेहतर प्रशासन देने के मकसद से SDM नाम का एक पद बनाया गया,सब डिविजनल मजिस्ट्रेट… कभी-कही कोई प्रशासनिक दिक्कत हो तो SDM के पास उसे संभालने की ताकत रहे इसलिय 1898 के कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (CRPC) मे SDM को दंडाधिकारी वाली शक्तियां दी गई हैं… जब सीआरपीसी को BNS से बदल गया तब भी इन प्रावधानो को कायम रखा गया क्योंकि जनता की परेशानियों को हल करने के लिए SDM को कुछ अधिकार देने जरुरी थे….SDM के पास अपने डिवीजन के सभी जमीन व्यापार पर देखरेख करता है जिले की सभी भूमि का लेखा-जोखा एसडीएम के देखरेख में होता है एसडीएम के उपखंड के सभी तहसीलदारों पर SDM का नियंत्रण होता है लेकिन अक्सर घरघोड़ा एसडीएम के मिसयूज का पावर( शक्तियों के दुरुपयोग) की खबरें आती रहती हैं.. जो शक्तियां उन्हें जनता की हित के लिए दी गई है उन्हें शक्तियों का प्रयोग में जनता के खिलाफ कर रहे हैं ?????

  भाजपा नेता अजीत गुप्ता ने फेसबुक पोस्ट पर एसडीएम रमेश कुमार मोर पर सभी कामों में 10 पर्सेंट कमीशन लेने का आरोप लगाया है.. आपको बता दें अजीत गुप्ता बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता है और रायगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष अरुणधर  दीवान व बड़े नेताओं के करीबी माने जाते हैं.. ऐसे में समझने वाली बात है राज्य में बीजेपी सरकार.. खुद बीजेपी नेता अधिकारियों पर कमीशन खोरी का इल्जाम लग रहे हैं.. तब आप खुद ही सोच सकते हैं की नगरी प्रशासन में भ्रष्टाचार किस तरह चरम पर है…

  घरघोड़ा एसडीएम रमेश कुमार मोर का ट्रांसफर छुई खदान हुआ था हाल ही में सेटिंग के जोर पर उन्होंने अपना ट्रांसफर वापस घरघोड़ा करवा लिया है. अब देखने वाली बात होगी कि भाजपा नेता सिर्फ अधिकारियों पर आरोप लगाकर दबाव की राजनीति कर रहे हैं या वाकई एसडीएम 10% कमीशन बिना अपना कलम नहीं चलाते….