SECL जामपाली खदान में कथित चौबे यूनियन की अवैध लाइन के कारण लगा जाम, SP भी हुए परेशान

 

6 ट्रक ब्लैकलिस्ट, BNS की धारा 285 में FIR दर्ज 

घरघोड़ा। जामपाली कोयला खदान के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर ट्रकों की अव्यवस्थित लाइन से लगातार जाम की स्थिति बन रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते शनिवार को रायगढ़ एसपी भी इसी मार्ग से गुजरते समय जाम में फंस गए। सूचना के बाद घरघोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभालते हुए जाम खुलवाया।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जामपाली खदान में गाड़ियों की एंट्री के लिए सामान्य लाइन के अलावा एक अलग लाइन भी संचालित की जा रही है, जिसे सतीश चौबे से जुड़े यूनियन की लाइन बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी अलग व्यवस्था और ट्रकों की बेतरतीब लाइन के चलते खदान के बाहर NH पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि अन्य खदानों में गाड़ियों की एंट्री के लिए सामान्यतः एक ही व्यवस्था रहती है, लेकिन जामपाली में दो अलग-अलग लाइन होने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। खदान के बाहर भारी वाहनों की कतार सड़क तक पहुंचने से आम राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

6 ट्रक ब्लैकलिस्ट, धारा 285 में FIR

जामपाली खदान प्रबंधन ने अव्यवस्था पैदा करने वाले छह ट्रकों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की जानकारी दी है। वहीं, इन छह ट्रकों के खिलाफ BNS की धारा 285 के तहत घरघोड़ा पुलिस नें FIR दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहा है कि यदि ट्रकों की अव्यवस्था पर कार्रवाई संभव है तो खदान के बाहर बार-बार बन रही जाम की स्थिति को स्थायी रूप से रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी।

SP के जाम में फंसने से व्यवस्था पर बड़ा सवाल

जब जिले के पुलिस कप्तान जैसे अधिकारी को भी खदान के बाहर NH पर जाम में फंसना पड़ रहा है, तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले आम लोगों और वाहन चालकों को कितनी परेशानी होती होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान की व्यवस्था का असर अब सीधे सार्वजनिक मार्ग के यातायात पर पड़ने लगा है। इस अवैध लाइन को हटाकर एक लाइन की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे..

वहीं, यूनियन से जुड़े कुछ लोगों पर खदान परिसर में कथित रूप से मनमानी करने के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं और इसकी शिकायतें होने की बात सामने आती रही है। चर्चा है कि जो यूनियन को चढ़ावा चढ़ता है उसके लिए कथित अवैध लाइन की व्यवस्था की जाती है ऐसे में अब प्रशासन और खदान प्रबंधन के सामने चुनौती है कि खदान के बाहर NH पर लगने वाले जाम का स्थायी समाधान कैसे निकाला जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू कैसे रखा जाए।

शनिवार को जाम के दौरान रायगढ़ एसपी ने मौके पर स्वयं खदान के बाहर वाहनों की लाइन व्यवस्था को देखा। ऐसे में स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को उम्मीद है कि इस व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए आने वाले समय में कथित अलग/अवैध लाइन व्यवस्था को हटाकर एक समान लाइन व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे NH पर बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिल सके।