इस बार रेत घाटों की होगी ऑनलाइन नीलामी,रायल्टी और अन्य टैक्स भी बढ़ जाएगा

 

सरकार को मिलेगा राजस्व तो आम लोगों की होगी जेब ढीली

यदी आप घर बनाने की सोच रहे हैं तो रेत की कीमत को लेकर आपको टेंशन हो सकता है। कारण सरकार ने रायगढ़ जिले में रेत की नई दर तय कर दी है। पहले जिस रेत की कीमत प्रति घन मीटर केवल 92 रुपए था, उसकी कीमत में अब 120 रुपए का इजाफा कर दिया गया है। याने रायगढ़ जिले के रेत घाटों से जो रेत निकलेगी उसकी प्रति घर मीटर 212 रुपए तय की गई है।

इसका असर रेत की कीमत पर पड़ेगी और आम लोगों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।सरकार का राजस्व जरुर बढ़ेगा। चूंकि रायल्टी और अन्य टैक्स भी बढ़ जाएगी तो कीमत बढ़ना लाजमी है। कुल मिलाकर आने वाले समय में रेत की कीमत में उछाल आने की संभावना है। हालांकि नीलामी के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी इसके लिए निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। काफी मशक्कत के बाद सरकार द्वारा रेत खदानों की नीलामी का मसौदा तैयार कर लिया गया है। इसके लिए अधिसूचना जो जारी कर दी गई है, लेकिन नीलामी प्रक्रिया को लेकर आदेश का इंतजार किया जा रहा है। जानकारी मिली है कि इस बार बेस प्राइस को लेकर काफी बदलाव किया गया है। इस बार रेत की बेस प्राइज 212 रुपए प्रति घन मीटर कर दिया गया है। पहले केवल 92 रुपए प्रति घन मीटर बेस प्राइज था। ऐसे में करीब 120 रुपए का इजाफा हो गया है।ऐसे में रेत की रायल्टी और अन्य टैक्स भी बढ़ जाएगा। यदि रायल्टी और टैक्स बढ़ी तो रेत की कीमत बढ़ना भी तय है। जो भी हो सरकार ने नई रेत खदान आबंटन नीति को फयनल कर दिया है और अब नीलामी की प्रक्रिया की जाएगी। पहले नीलामी मैन्यूअल सिस्टम से होता था, लेकिन इस बार सब कुछ ऑनलाइन ही होगी। रायगढ़ जिले के लिए बेस प्राइज 212 रुपए प्रति घन मीटर तय की गई है। इसी कीमत पर बोली लगाई। जिले में 15-16 ही रेत खदान हैं,जिसकी नीलामी होगी।

 बोली 25 फीसदी से कम नहीं होगी

जानकारी के अनुसार 2019-20 में हुई नीलामी के दौरान 92 रुपए रेट तय था। उस दौर में न्यूनतम बोली 50 प्रतिशत रखी गई थी। इस बार उच्चतम निर्धारित कीमत से 25 फीसदी से कम बोली नहीं लगाई जा सकती। यह तकनीकी रूप से लोगों की समझ से भी बाहर है। याने जो लोग पहले से ही रेत का काम कर रहे हैं। उनके द्वारा ही नीलामी में भाग लेने की बात कही जा रही है।नए लोगों का आना मुश्किल लग रहा है। बीते सालों में तो कई लोग बाहर से आकर नीलामी में भाग लिए थे। उनको ठेका भी मिल गया था, लेकिन रेत निकाल ही नहीं सके। ऐसे में स्थानीय ठेकेदार जो पहले से काम कर रहे हैं। उनको ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी। अभी नीलामी प्रक्रिया का आदेश आया नहीं है।

पहले प्रति घन मीटर केवल 92 रुपए था तो रेत की कीमत कुछ कम था। अब प्रति घन मीटर बढ़ने के कारण रेत की कीमतों में भी भारी उछाल आएगा। जो रेत पहले 600 के आसपास मिलता था अब 8 से 9 सौ रुपए के पार जा सकता है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत पीएम आवास बनाने वाले गरीबों को ही होगी। रेत की कीमत बढ़ जाएगी तो उनके लिए सीमित राशि में घर बनाना आसान नहीं होगा। हालांकि अभी बरसात सीजन की वजह से रेत निकालने की मनाही है, लेकिन अवैध तरीके से हर दिन सैकड़ों ट्रेक्टर रेत अवैध तरीके से निकल रहा है। इसी का उपयोग लोग कर रहे हैं।