रायगढ़ जिले में बजरमुड़ा में करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले में संलिप्त राजस्व अधिकारियों के कार्यप्रणाली की चर्चा पूरे प्रदेश में है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बजरमुड़ा में करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले में संलिप्त राजस्व अधिकारियों के कार्यप्रणाली की चर्चा पूरे प्रदेश में है, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि शासन के आदेश के बाद भी इस मामले में अब तक जिला प्रशासन ने संलिप्त राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए अनुशंसा करना तो दूर संबंधितों को नोटिस तक जारी नहीं किया गया है।
छत्तीसगढ़ पॉवर जनरेशन को आवंटित कोल ब्लाक गारे-पेलमा सेक्टर-3 के प्रभावित ग्राम बजरमुड़ा में राजस्व अधिकारियों व मूल्यांकन टीम में शामिल अधिकारियेां की मनमानी के कारण मुआवजे के आंकलन में खुलकर गड़बड़ी की गई है। परिसंपत्तियों की गणना करने में खुला खेल खेला गया। इसका प्रमाण राज्य स्तरीय टीम के जांच से सामने आ चुका है।
दोषियों पर कार्रवाई की अनुशंसा नहीं
राज्य स्तरीय टीम ने जांच के बाद इस पूरे मामले में गणना पत्रक को ही त्रुटिपूर्ण बताते हुए पुर्नगणना करने व दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है, लेकिन इस आदेश के एक माह बाद जिला प्रशासन ने दो पटवारी को निलंबित कर खानापूर्ति कर दिया है। इसमें अन्य संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुशंसा अब तक नहीं किया गया है। जबकि शासन के जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से मूल्यांकन टीम में शामिल अधिकारियों को भी दोषी बताया गया है।
शासन के आदेश को दबाकर बैठते हुए इस मामले में संलिप्त अधिकारियों को बचाव के लिए पूरा समय दिया जा रहा है। जिसके कारण अब तक इस मामले में अधिकारी अपने बचाव का रास्ता खोजते हुए नजर आ रहे हैं। इसको लेकर विभागों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्रवाई की बजाए कर रहे लेटलतीफी
इस मामले को लेकर शासन ने जून माह में कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जिसके बाद दो पटवारी जितेंद्र पन्ना व मालिक राम राठिया को निलंबित किया गया है। आदेश को 5 माह बीत गए लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं करना लोगों के समझ से परे है।
पुनर्गणना का भी अता-पता नहीं
जांच रिपोर्ट में घरघोड़ा के बजरमुड़ा गांव की परिसंपत्तियों के लिए जारी की गई अवार्ड को ही जांच रिपोर्ट में त्रुटिपूर्ण बताया गया है जिसके कारण पुर्नगणना करने का आदेश दिया गया है। पुर्नगणना का भी अभी तक अता-पता नहीं है। पुर्नगणना करने में भी राजस्व विभाग के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।





