पत्नी, ससुर और साले पर 22 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, घरघोड़ा पुलिस ने दर्ज किया केस

रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने एक व्यक्ति की पत्नी, ससुर और साले के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 5, छाल रोड घरघोड़ा निवासी पिंगल कुमार बघेल (41) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत प्रस्तुत कर अपनी पत्नी सीमा बघेल, ससुर भरत लाल यादव तथा साले कृष्ण कुमार यादव पर आर्थिक छल और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मामले की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ द्वारा कराई गई।

जांच के दौरान पिंगल कुमार बघेल ने बताया कि वह फैब्रिकेशन एवं सेंट्रिंग कार्य से जुड़ा व्यवसाय संचालित करता है। वर्ष 2008 में उसका विवाह आर्य समाज कोरबा में सीमा बघेल के साथ हुआ था। शुरुआती वर्षों में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में ससुराल पक्ष का हस्तक्षेप बढ़ने लगा।

शिकायतकर्ता के अनुसार व्यवसाय से प्राप्त नकद राशि वह नियमित रूप से अपनी पत्नी को सौंपता था, जिसका कोई लिखित हिसाब-किताब नहीं रखा जाता था। इसी का लाभ उठाकर उसकी अनुपस्थिति में घर से नकदी निकालकर पत्नी अपने भाई को देती रही। संदेह होने पर उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए।

पिंगल का आरोप है कि जांच के दौरान उसे जानकारी मिली कि उक्त राशि कृष्ण कुमार यादव द्वारा अपने बैंक खाते में जमा कराई जा रही थी। जब उसने इस संबंध में जानकारी और बैंक स्टेटमेंट मांगा तो उसे टालने का प्रयास किया गया। बाद में दबाव बनाए जाने पर बैंक विवरण उपलब्ध कराया गया।

बैंक रिकॉर्ड की जांच में लगभग 22 लाख 63 हजार रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आने का दावा शिकायतकर्ता ने किया है। पिंगल का कहना है कि रकम वापस मांगने पर ससुराल पक्ष ने सहयोग नहीं किया। साथ ही उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और विभिन्न प्रकार की धमकियां भी दी गईं।

जांच अधिकारी द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सीमा बघेल, कृष्ण कुमार यादव और भरत लाल यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

एसडीओपी सिद्धांत तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विस्तृत जांच की गई थी। जांच में प्राप्त तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।