रायगढ़ में अटैचमेंट से बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था,82 स्कूलों में एक ही शिक्षक, 183 में अतिरिक्त स्टाफ

 

 

 

रायगढ़। जिले की शिक्षा व्यवस्था में गंभीर असंतुलन सामने आया है। एक ओर जहां 82 स्कूलों में केवल एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है, वहीं 183 स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। इस असंतुलन के बीच बड़ी संख्या में शिक्षक विभिन्न शासकीय कार्यालयों में अटैच होकर मूल शैक्षणिक कार्य से दूर हैं।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 70 से अधिक शिक्षक विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इनमें से 41 शिक्षकों को छात्रावास अधीक्षक बनाया गया है, जबकि अन्य शिक्षक तहसील, एसडीएम कार्यालय, निर्वाचन शाखा और भृत्य शाखा जैसे कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं।

खरसिया विकासखंड में सबसे अधिक 19 शिक्षक और कर्मचारी एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य कार्यालयों में अटैच हैं। पुसौर में 5 शिक्षक तहसील कार्यालय में कार्यरत हैं। तमनार में 1 शिक्षक जिला निर्वाचन कार्यालय, 1 भृत्य शाखा तथा 2 तहसील कार्यालय में तैनात हैं। घरघोड़ा में 3 शिक्षक तहसील और 1 एसडीएम कार्यालय में कार्य कर रहे हैं, जबकि धरमजयगढ़ में 3 शिक्षक विभिन्न कार्यालयों में अटैच हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों, बैठकों और प्रशिक्षण में भी लगना पड़ता है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।

विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण के जरिए शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने का प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। विभाग का कहना है कि अटैच शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने की प्रक्रिया जारी है और नए सत्र में आवश्यकता के अनुसार पदस्थापना की जाएगी।