रायगढ़। मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरने की तैयारी की है। 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पैदल विरोध मार्च निकाला जाएगा, जो कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचेगा। इस दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच सहित निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष नागेंद्र नेगी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष के संयुक्त नेतृत्व में किया जाएगा। कांग्रेस ने जिले के सभी पदाधिकारियों, ब्लॉक, मंडल, प्रकोष्ठ और मोर्चा संगठनों के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं से मार्च में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष नागेंद्र नेगी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं, तो उनका पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR के दौरान जिन मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं, उन्हें सुनवाई और अपील का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया और आईटी-डेटा व्यवस्था को लेकर भी स्वतंत्र जांच की जरूरत है। इन्हीं मांगों को लेकर 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।
स्वतंत्र और पारदर्शी समीक्षा की मांग
कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच, प्रभावित मतदाताओं को सुनवाई एवं अपील का अवसर देने और निर्वाचन आयोग की आईटी एवं डेटा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई जाएगी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मार्च का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।
ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी शामिल होने की बात कही गई है।





