युक्तियुक्तकरण के बाद जिले में कहीं भी शिक्षकों की कमी नहीं होने का ढिंढोरा शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पीटा गया था।अब खुद विभाग के अधिकारी ही कह रहे हैं, शिक्षकों की कमी है।याने शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने ही वादे पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इसकी बानगी विभाग के ही आदेश से देखी जा सकती है।बीते 28 अक्टूबर को एक आदेश डीईओ द्वारा जारी की गईहै। इसमें स्पष्ट रुप से लिखा हैमिडिल स्कूल जूटमिल में शिक्षक की कमी होने की वजह से मिडिल स्कूल सिंघनपुर के शिक्षक को अटैच किया जाता है।वही घरघोड़ा विकासखंड के पीएम श्री स्कूल से भी तमनार विकासखंड के स्कूल मे अटैक किया गया है खास बात यह है कि शासन की ओर से युक्तियुक्तकरण के बाद अटैचमेंट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बाद भी रायगढ़ डीईओ ऑफिस में यह खेल खुलेआम चल रहा है।दूसरी ओर जो आदेश जारी किया गया है उसमें भी कई तरह की विसंगतियां हैं।स्कूलों को मर्ज करने के बाद बीते जून में जिले के करीब एक हजार शिक्षकों को अतिशेष के नाम पर युक्तियुक्तकरण किया गया था। इसके बाद डीईओ ऑफिस से दर्जनों बार जिले के किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं होने का सरकारी बयान जारी किया गया था। अब वही डीईओ शिक्षक की कमी होने का हवाला देकर अटैचमेंट कर रहे हैं।
दरअसल बीते 28 अक्टूबर को डीईओ ने एक आदेश जारी किया है। इसमें मिडिल स्कूल जूटमिल में शिक्षक की कमी होने के कारण बच्चों का अध्यापन व्यवस्था क प्रभावित होने का हवाला दिया गया है। घरघोड़ा की पीएम श्री स्कूल से शिक्षिका को तमनार विकासखंड के स्कूल में अटैच किया गया, बच्चों का अध्यापन व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए खरसिया ब्लॉक के मिडिल स्कूल सिंघनपुर के गणित शिक्षक को मिडिल स्कूल जूटमिल में अटैच किया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि युक्तियुक्तकरण के में बाद किसी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं है तो अटैचमेंट करने का कोई तूक नजर नहीं आ रहा है। जो भी हो शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने ही बयान पर कायम नहीं हैं।
बड़ी बात यह है कि आदिवासी ब्लॉक से सामान्य ब्लॉक में अटैच करने का प्रावधान होने की बात कही जा रही है।इसके बाद भी आदिवासी ब्लॉक के शिक्षक को सामान्य ब्लॉक में अटैच कर शासन के आदेश को ही ठेंगा दिखाया गया है।




