प्राथना सभा की आड़ मे धर्मातरण की कोशीश, दो आरोपी गिरिफ्तार

रविवार को शहर से लगे कोसमनारा में बाल उद्यान के नजदीक कलारमुड़ा के एक घर में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण चल रहा था। यहां बड़ी संख्या में महिला और बीमार बच्चे थे।इन्हें इलाज कराने की सलाह के बजाय प्रार्थना करने से रोग ठीक होने के नाम पर प्रार्थना सभा आयोजित की थी। इलाके के एक युवक ने आयोजकों की प्रार्थना सभा के पीछे की मंशा भांप कर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े युवकों को इसकी सूचना दी। 10 से अधिक युवक मौके पर पहुंचे। तस्दीक के बाद घर को बाहर से बंद किया।कुछ मिनटों में पुलिस मौके पर पहुंची और पास्टर व मकान मालिक युवक को धर्मांतरण के आरोप में हिरासत में लिया। 25 से अधिक महिला बच्चों को रेस्क्यू किया गया। कोसमनारा बाल उद्यान के नजदीक कलारमुड़ा में राजू उरांव नामक एक युवक के घर में पहली मंजिल पर 25-30 महिला, पुरुष छोटे बच्चे इकट्ठा हुए थे।पतरापाली का रहने वाले दिलीप चौहान ने लोगों की गरीब और बीमारी ठीक करने के नाम पर प्रार्थना सभा बुलाई थी। अंदर गायन चल रहा था। बताया जा रहा था कि प्रार्थना से उनके रोग, तकलीफें,गरीबी सब दूर हो जाएगी। हिंदू संगठन से जुड़े अंशु टुटेजा, अंकुर गोरख अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाहर से गेट बंद करने के बाद पुलिस को सूचना दी। एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, कोतरा रोड थानेदार त्रिनाथ त्रिपाठी और पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रार्थना सभा में बैठे लोगों को रेस्क्यू किया और राजू उरांव के साथ ही दिलीप चौहान को गिरफ्तार किया।दिलीप पुलिस के सामने खुद को डॉक्टर बताने लगा।