छत्तीसगढ़ी परिधान में पहुंचे बुजुर्ग को गेट पर रोका, भड़का जनाक्रोश -अपनी मिट्टी से शर्म कैसी?

 

रायगढ़। संस्कृतियों के इस नगर रायगढ़ में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे शहर का मिज़ाज बदल दिया। शहर के प्रतिष्ठित होटल अमाया ( अटल चौक) में एक बुजुर्ग ग्रामीण को केवल इसलिए अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया क्योंकि वह धोती-कुर्ता पहने हुए था। इस घटना ने न केवल छत्तीसगढ़ी अस्मिता को झकझोरा बल्कि भारतीयता बनाम दिखावे की संस्कृति की बहस भी तेज कर दी।

छत्तीसगढ़ी परिधान में ‘नो एंट्री’होटल अमाया पर भड़का रायगढ़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राम क्षेत्र से आए एक बुजुर्ग व्यक्ति होटल अमाया में किसी से मिलने पहुंचे थे । गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया और कहा कि यहां इस ड्रेस में एंट्री नहीं है। बुजुर्ग की सरल मुद्रा और पारंपरिक पहनावे को देखकर वहां मौजूद कुछ युवाओं ने इस अपमानजनक व्यवहार का विरोध किया और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। कुछ ही घंटों में मामला आक्रोश की लहर बन गया।

शहर के कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने इसे छत्तीसगढ़ी अस्मिता का अपमान बताया।विरोध जताने पहुंचे युवाओं ने होटल के बाहर नारे लगाए जो धोती से नफरत करे, उसे रायगढ़ में जगह नहीं मिले !

छत्तीसगढ़ की धरती पर छत्तीसगढ़ी परिधान का अपमान नहीं चलेगा ! विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जुटमिल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। होटल प्रबंधन ने गलतफहमी की बात कहकर सफाई दी

सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि धोती-कुर्ता केवल कपड़ा नहीं, हमारीपहचान है। यह उस संस्कृति की निशानी है जिसने भारत को सभ्यता का बोध कराया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कोई सूट-बूट में आता है तो उसका स्वागत और धोती में आने वाला अपमान? क्या भारतीय पहनावा अब अपने ही देश में अस्वीकार्य हो गया है ?गरमाया हुआ है छत्तीसगढ़िया बना एम बाहरी का मुद्दा क्या रायगढ़ की धरती पर परंपरा के परिधान को ‘ड्रेस कोड’ की आड़ में रोका जा सकता है? जनता का साफ कहना धोती पर रोक नहीं दिखाए पर रोक लगे…