प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से महानदी ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। इस वजह से रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लाक एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुए। शुक्रवार को महानदी अपने तटबंध तोड़ते हुए दर्जन भर से अधिक गांवों में प्रवेश कर गई थी जिसकी वजह से सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गये हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में आते हुए ऐहितायातन तौर पर सतर्कता बरतने तटवर्ती गांव में मुनादी कराई गई।
वहीं पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम को सक्रिय किया गया था तथा राहत शिविरों की साफ सफाई कराकर प्रभावित लोगों को रूकने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि बढ़ते जल स्तर को देखते हुए ओडि़सा के हीराकुंड डेम के गेट को खोला गया है जिससे रिहायशी इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पाया और धीरे-धीरे महानदी का जल स्तर कम हो रहा है। वहीं खेतों के लबालब होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, खासकर सब्जी उत्पादक किसान अधिकांश तौर पर प्रभावित हुए है।
प्रशासन द्वारा फसल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। विगत तीन-चार दिनों से प्रदेश भर में हो रही बारिश के कारण सभी नदी-नाले उफान पर आ गये हैं। वहीं धमतरी के गंगरेल बांध में अधिक जलभराव होने के कारण डेम के गेट खोले गये हैं जिससे महानदी में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। वहीं सहायक नदियों का भी भारी मात्रा में जल आने के कारण महानदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। शुक्रवार की सुबह से ही जलस्तर बढऩे के कारण रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लाक के सूरजगढ़, पडिग़ांव, सिंघपुरी, चंघोरी, बाराडोली, टिनमिनी क्षेत्र तथा सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में परसामपुर, लिप्ति, रानीडीह, सुरसी, कोर्रा, पोरथ, ठेंगागुड़ी, नदीगांव, रतनपाली, छोटे नावापारा, बोरिदा, खपरापाली, रायपाली इत्यादि गांवों के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गये तथा नदी का पानी रिहायशी इलाकों में भी घुसने लगा था। पोरथ में नदी किनारे स्थित मंदिर पुरी तरह डुबान में आ गया था तो वहीं रानीडीह गांव में भी आंशिक रूप से रिहायशी क्षेत्र में पानी घुस गया था।





