पुलिस के बड़े अधिकारी भी देख रहे हैं तमाशा
जिले में इन दिनों जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ कुछ थाना प्रभारियों की राजनीति चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थिति यह है कि थाना प्रभारी अपने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिनस्थ बड़े अधिकारियों के आदेश को दरकिनार करते हुए अपनी ही राजनीति करते हुए नेताओं के हाथों की कठपुथली बन गए हैं और यही कारण है कि अब पुलिस अधीक्षक इनको हटाते हैं तो वे नेताओं की शरण में जाकर राजनैतिक दबाव बनाने लगते हैं।जनता के बीच यह चर्चा का विषय बना हुई है कि जिले में कुछ थाना प्रभारी सत्ताधारी पार्टी के नेताओं व संगठन का सहारा लेते हैं तो कुछ राजनीतिक पकड़ के चलते थानों में अवैध उगाही का अड्डा बनाते हुए अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। ताजा उदाहरण पहले तमनार का था और अब घरघोड़ा का हो गया है। जानकार सूत्र बताते हैं कि रायगढ़ जिले में कुछ दिन पहले पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने चक्रधर नगर, जूटमिल,तमनार, खरसिया सहित कुछ अन्य थाना प्रभारियों की लिस्ट निकालकर कुछ थाना प्रभारियों को अलग-अलग जगह पोस्टिंग के आदेश जारी किये थे। हाल ही में जो लिस्ट निकली थी । उसमें मात्र पांच दिन के भीतर तमनार थाना प्रभारी ने बकायदा ताल ऐसे ठोकते हुए पुलिस अधीक्षक को मजबूर कर दिया कि वे तमनार के अलावा उन्हें कहीं और पदस्थ न करें और हुआ भी यही कि आखिरकार थाना बदलने के बाद भी तमनार थाना प्रभारी कथित तौर पर जनप्रतिनिधियों का सहारा लेते हुए वापस तमनार में ही पदस्थ होनें में कामयाब हो गए।अब दो दिन पहले ही लेनदेन व अवैध उगाही की शिकायत पर लाइन अटैच हुए घरघोडा थाना प्रभारी हर्षवर्धन सिंह के लिये भी कुछ नेताओं द्वारा की जा रही लामबंदी इस बात के संकेत है कि घरघोड़ा में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से रेत तस्करी, कोयला तस्करी के अलावा अवैध लेनदेन के कई में मामले सामने आते रहते हैं। जिनमें कुछ नेता खुलकर साथ देते हैं
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