रायगढ़। जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शासन की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किए जाने के बाद लोगों का रुझान भी बढ़ा है। वर्तमान में जिले की सड़कों पर करीब 6 हजार 383 इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत वाहन जिला मुख्यालय रायगढ़ शहर की सड़कों पर संचालित हो रहे हैं।
इनमें दोपहिया वाहनों के साथ ई-रिक्शा और अन्य मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हैं। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के बावजूद इनके लिए जरूरी सुविधाएं अब तक पर्याप्त नहीं हो पाई हैं। सबसे बड़ी समस्या चार्जिंग स्टेशन को लेकर है। जिले में अभी तक एक भी चार्जिंग स्टेशन चालू नहीं हो पाया है।
स्थिति यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के कई शोरूम तो खुल गए हैं, लेकिन वाहनों की तकनीकी खराबी दूर करने के लिए पर्याप्त रिपेयरिंग सेंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वाहन में तकनीकी समस्या आने पर चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार मरम्मत के लिए इंतजार करना पड़ता है।
6,383 इलेक्ट्रिक वाहनों में बड़ी संख्या दोपहिया की
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 2,879 टू-व्हीलर, 202 थ्री-व्हीलर और 73 इलेक्ट्रिक कारें दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहन भी जिले में संचालित हो रहे हैं। बढ़ती संख्या यह बताती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
चार्जिंग स्टेशन के लिए भेजा गया प्रस्ताव
जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए परिवहन विभाग ने कई प्रमुख स्थानों को चिन्हांकित कर शासन को प्रस्ताव भेजा है। इनमें मेडिकल कॉलेज, कलेक्टोरेट, परिवहन कार्यालय, जनपद पंचायत एवं नगर पंचायत लैलूंगा, जनपद पंचायत घरघोड़ा, तमनार, रायगढ़, धरमजयगढ़ और पुसौर के अलावा ग्राम पंचायत कानू, छाल शामिल हैं।
इन स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल दोपहिया वाहन चालक लंबी दूरी पर निकलने से पहले घर से ही वाहन की चार्जिंग सुनिश्चित कर रहे हैं।
जिला परिवहन अधिकारी गौरव साहू ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों को चिन्हांकित किया गया है और प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।





