छत्तीसगढ़ में जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल पर बवाल, शिव कुमार शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज

 

रायगढ़ (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिव कुमार शर्मा द्वारा अनुसूचित जाति समुदाय के लिए प्रतिबंधित शब्द ‘हरिजन’ का उपयोग किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने इसे संविधान और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का उल्लंघन बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सतनामी समाज का आक्रोश – FIR की मांग

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस शब्द के उपयोग को प्रतिबंधित कर चुका है, क्योंकि यह अनुसूचित जाति समुदाय के लिए अपमानजनक और अवमानना की भावना प्रकट करता है। समाज के लोगों का कहना है कि इस तरह के शब्दों का सार्वजनिक मंच से प्रयोग संविधान की भावना के खिलाफ है और इससे जातीय भेदभाव को बढ़ावा मिलता है।

आक्रोशित सतनामी समाज के लोगों ने घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कर शिव कुमार शर्मा के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

क्या कहता है कानून?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता को समाप्त करता है और किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव को अपराध मानता है। इसके अलावा, SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का उपयोग दंडनीय अपराध है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है।

अब आगे क्या?

अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या शिव कुमार शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज होती है या नहीं। यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है। स्थिति पर सतनामी समाज और अन्य दलित संगठनों की नजर बनी हुई है।