छत्तीसगढ़:चार चरणों में कांग्रेस की शिक्षा न्याय यात्रा,बीईओ और डीईओ कार्यालय का घेराव

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति के विरोध में शिक्षा न्याय यात्रा निकालने की घोषणा की है। बलौदा बाजार जिले के पलारी नगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने यह जानकारी दी।बैज ने कहा कि प्रदेश में 58 से 60 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। इसके बावजूद सरकार स्कूलों को बंद या विलय कर रही है।उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार ने पिछले 15 सालों में 10,465 स्कूल बंद किए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। शिक्षा न्याय यात्रा चार चरणों में आयोजित की जाएगी। 4 से 6 जून तक सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बाद बीईओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा। फिर 3 से 5 किलोमीटर की पदयात्रा होगी। डीईओ कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा। बंद किए गए स्कूलों के सामने पालक और बच्चों के साथ धरना प्रदर्शन होगा। विधानसभा सत्र में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा।कांग्रेस ने सुशासन तिहार पर उठाए सवाल । उन्होंने कहा कि सरकार ने 42 लाख आवेदनों में से 95 प्रतिशत को अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिया। महतारी वंदन और पीएम आवास योजना के अधिकांश आवेदकों को अभी तक लाभ नहीं मिला है।

हाईकोर्ट पहुंचा युक्तियुक्तकरण का माम

छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश को 34 शिक्षकों और संघ अध्यक्ष संजय तिवारी ने चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर काउंसलिंग की जा रही है। उन्हें अपील करने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 309 और भर्ती नियम 2019 का हवाला देते हुए कहा कि बिना किसी संशोधन के यह आदेश जारी कर दिया गया है, जो विधिसम्मत नहीं है। याचिका में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई है।