एग्रीस्टेक किसानों के लिए बना जी का जंजाल, घरघोड़ा में अब तक 136 किसानों का नहीं हो सका पंजीयन:15 नवंबर से शुरू होगी खरीदी

 

रायगढ़। किसानों की धान खरीदी शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन उससे पहले एग्रीस्टेक पोर्टल किसानों के लिए जी का जंजाल बन गया है। किसी का पंजीयन अधूरा है तो किसी का खेत ही पोर्टल से गायब हो गया है। कई किसानों के नाम तो दिख रहे हैं, लेकिन खसरा और रकबा की जानकारी ही नहीं है।

अब किसान तहसील, पटवारी और सीएससी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। किसी का खसरा अपडेट नहीं हो रहा, तो किसी की जमीन ही पोर्टल से गायब है। दिनभर दफ्तरों के चक्कर और शाम को मायूसी— यही हाल किसानों का है।

घरघोड़ा तहसील में 136 किसान अब तक पंजीयन से वंचित हैं। कई किसानों ने बताया कि पोर्टल में सिर्फ नाम दिख रहा है, लेकिन खेत की पूरी जानकारी नहीं। अफसर भी अब घर-घर जाकर किसानों का डेटा सत्यापित करने में जुटे हैं।

इधर प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी, और तब तक अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ी और कर्मचारियों की सुस्ती के कारण उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहा है। जानकारी के अनुसार, इस वर्ष धान खरीदी केवल उन्हीं किसानों से की जाएगी, जिनका पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल पर पूरा है। मगर मुश्किल यह है कि जिले के करीब 1,037 किसानों का पंजीयन अब तक अधूरा या लंबित है।

तहसीलवार पंजीयन न होने वाले किसानों की संख्या:

तहसील संख्या

कापू 207

खरसिया 67

घरघोड़ा 136

छाल 36

तमनार 77

धरमजयगढ़ 168

पुसौर 37

मुकडेगा 05

रायगढ़ 22

लैलूंगा 282

कुल 1037