घरघोड़ा न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला:अधिवक्ताओं की मजबूत पैरवी से परिजनों को 1 करोड़ से अधिक मुआवजा राशि

घरघोड़ा: मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) घरघोड़ा न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और राहतपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने सड़क दुर्घटना में मृत हुए सुभाष पैकरा (निवासी चारभाठा) के परिवार को ₹1,02,00,000 से अधिक मुआवजा देने का आदेश पारित किया है। साथ ही दुर्घटना में घायल हुई मृतका की पत्नी के लिए ₹13,00,000 अतिरिक्त क्षतिपूर्ति स्वीकृत की गई है। यह निर्णय अधिवक्ता सुनील ठाकुर, सत्यजीत शर्मा और विनोद पटेल की प्रभावी एवं तथ्याधारित पैरवी का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।

कैसे हुई दुर्घटना

घटना के दिन मृतक सुभाष पैकरा अपने परिवार के साथ कार से अपने कार्य पर जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने लापरवाही से कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा बेहद गंभीर था, जिसमें सुभाष पैकरा को भारी चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना ने परिवार को आर्थिक व मानसिक आघात पहुंचाया।

परिवार की स्थिति

मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। उसके जाने से पत्नी, पुत्र सहित पूरे परिवार पर जीविका का संकट खड़ा हो गया। न्याय की उम्मीद में परिजनों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में प्रतिकर हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

अधिवक्ताओं की ठोस और तथ्यपरक पैरवी

परिवार की ओर से अधिवक्ता सुनील ठाकुर, सत्यजीत शर्मा और विनोद पटेल ने FIR, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आय प्रमाण, उम्र, आश्रितों की स्थिति और भविष्य की आय संभावनाओं सहित सभी आवश्यक दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए।

अधिवक्ताओं ने यह साबित किया कि दुर्घटना पूरी तरह वाहन चालक की लापरवाही के कारण हुई और मृतक परिवार का प्रमुख सहारा था। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए उच्चतम मुआवजा देने की मांग की।

न्यायालय का निर्णय

समस्त दस्तावेज और तर्क सुनने के पश्चात MACT घरघोड़ा ने माना कि मृतक की आय, आश्रितों की निर्भरता, भविष्य की संभावनाएँ, मानसिक पीड़ा और आर्थिक क्षति को देखते हुए परिजनों को ₹1,02,00,000 मुआवजा दिया जाना न्यायसंगत है।

साथ ही, दुर्घटना में घायल मृतका की पत्नी के लिए ₹13,00,000 अलग से देने का आदेश दिया गया।यह फैसला मोटर दुर्घटना मामलों में न्यायालय की संवेदनशीलता और न्याय की मूल भावना को दर्शाता है

क्षेत्र में चर्चा का विषय

इतनी बड़ी राशि का मुआवजा मिलने से यह निर्णय पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। परिजनों ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया और माननीय न्यायालय सहित अधिवक्ता सुनील ठाकुर, सत्यजीत शर्मा और विनोद पटेल का आभार व्यक्त किया, जिनकी प्रभावी दलीलों ने उन्हें न्याय दिलाया।