जिले के दो थाना प्रभारी पर परिजनों ने लगाए संगीन आरोप
धरमजयगढ़ के संतोष नगर (अंबेटिकरा/प्रेमनगर पुराना) निवासी श्रीनाथ यादव के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके भाई त्रिनाथ (उर्फ सोनू यादव) को 22 सितंबर 2025 को धरमजयगढ़ थाना से चार पुलिसकर्मियों ने जबरन बुला कर पकड़ा और थाना परिसर के कम्प्यूटर कक्ष में लाकर लात-घूसों और पट्टे से बर्बरतापूर्वक पीटा गया। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि उसी रात तत्कालीन थाना प्रभारी कमला पुसाम भी थाने पहुंचीं और उन्होंने भी पट्टे से मारपीट की, जिसके बाद त्रिनाथ पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया और उसे रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
परिजन बताते हैं कि पीड़ित की हालत गंभीर है-उसे सांस लेने और खाना-पीना में तकलीफ हो रही है। जिला अस्पताल में जांच व एक्स-रे में डॉक्टरों ने उसके सीने में खून का थक्का व अंदरूनी चोट होने की बात लिखी है। इसके बाद रायगढ़ एडीजे कोर्ट में मामला उठाया गया, जहाँ न्यायाधीश ने तत्काल जिला विधिक प्राधिकरण, रायगढ़ को पत्र लिखकर जेल में बंद त्रिनाथ की सम्पूर्ण चिकित्सकीय जाँच कराने के निर्देश दिये।
परिजन का दावा: पुरानी रंजिश का बदला
श्रीनाथ यादव ने कहा कि लगभग एक साल पहले परिवार की एक महिला के साथ छेड़छाड़ का मामला हुआ था। उस समय के थाना प्रभारी कमला पुसाम के कथित सांठ-गांठ के चलते वह मामला रफादफा कर दिया गया था। श्रीनाथ ने इस शिकायत को एसपी, पुलिस मुख्यालय और कलेक्टर जनदर्शन में भी दर्ज करवा रखे है। उनके मुताबिक़, इसी कारण से कमला पुसाम व कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने प्रभाव का उपयोग कर उनके भाई को फंसाया गया और मारपीट कर जेल भिजवा दिया गया — ये सब पुरानी रंजिश का बदला बताया जा रहा है।
FIR में दर्ज घटनाक्रम
FIR में राहुल बाईन नामक व्यक्ति ने 22/09/2025 को शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपी त्रिनाथ यादव ने मोबाइल नंबर से गंदी गाली, जान से मारने की धमकी दी। बाद में जब पुलिस को त्रिनाथ का घर दिखाया गया तो वह तलवारनुमा धारदार कोयता निकालकर हमला करने लगा। मौके पर मौजूद पुलिस ने धारदार वस्तु छीन ली। FIR में यह भी लिखा है कि साथ गए गवाह संजय विश्वास एवं आयान खान इस घटना के साक्षी हैं।
न्यायालय व उपचार
रायगढ़ एडीजे कोर्ट में परिजन की पेशी व दस्तावेज पेश करने पर निदेशक/न्यायालय ने जेल के अंदर जांच का आदेश दिया। जिला अस्पताल की रिपोर्ट व एक्स-रे में आकस्मिक चोट व खून के थक्के का उल्लेख मिलने पर, परिजन ने एसपी से शिकायत की- एसपी ने एक्स-रे रिपोर्ट देखकर कहा कि चोट नजर आ रही है और इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जायेगी: परिजनों को यही आश्वासन मिला है।
पुलिस का पक्ष
अभी धरमजयगढ़ पुलिस द्वारा कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।हमने थाना कमला पुष्पा ठाकुर से सम्पर्क करना चाहा.. संपर्क नहीं हो पाया..
वर्तमान स्थिति
त्रिनाथ (सोनू) फिलहाल जेल में बंद है, उसे न्यायालय से रिमांड/जेल भेजा गया है
जिला विधिक प्राधिकरण के निर्देशानुसार चिकित्सा जाँच हुई; रिपोर्ट में सीने की अंदरूनी चोट व खून का थक्का दर्ज है।परिजन ने एसपी से शिकायत दर्ज करायी और एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।परिजन न्याय की उम्मीद में संतुष्ट और अभी भी निगरानी में घटना की कड़ी जांच की माँग कर रहे हैं।
22/09/2025 (दोपहर/शाम): त्रिनाथ को पुलिस थाने बुलाया गया और थाने पर उनकी कथित गिरफ्तारी/मारपीट।
22/09/2025 (रात): तत्कालीन थाना प्रभारी कमला पुसाम भी थाने पहुंची और परिजनों के आरोपानुसार मारपीट हुई।
बाद के दिन: त्रिनाथ पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई और न्यायालय में पेशी; रिमांड पर जेल।
आगे: परिजन ने रायगढ़ एडीजे कोर्ट में मामला उठाया → न्यायाधीश ने जिला विधिक प्राधिकरण को जेल में चिकित्सकीय जाँच का निर्देश दिया → जिला अस्पताल में एक्स-रे व उपचार।
वर्तमान: परिजन ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की माँग की; एसपी ने आश्वासन दिया।
परिजनों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई बदले की भावना में और झूठे आरोपों के तहत की गई है। न्यायालय द्वारा आदेशित चिकित्सकीय जाँच और एक्स-रे रिपोर्ट में चोटों का उल्लेख इस बात की गंभीरता दर्शाता है। स्थानीय जनता व मानवाधिकार के दृष्टिकोण से भी इस प्रकार के आरोपों की स्वतः, त्वरित और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। रायगढ़ आवाज़ इस मामले में निष्पक्ष और तथ्यात्मक कवरेज जारी रखेगा और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे प्रकाशित करेगा।





