पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय घरघोड़ा में शिक्षण व्यवस्था दिनों दिन विवादों में घिरती जा रही है।पहले से ही समय पर कक्षाएँ न लगने, शिक्षकों का मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और अनुशासनहीनता जैसे आरोपों से घिरा यह विद्यालय अब एक और गंभीर प्रकरण के चलते सुर्खियों में है । एक छात्र द्वारा इस रूकूल के अंग्रेजी विषय की शिक्षिका पर संवेदनशील और गंभीर आरोप लगाया गया है। छात्र ने इस व्याख्याता पर एक छात्र ने मानसिक प्रताड़ना और शरीर से संबंधित अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया प्राचार्य ने किया जारी किया नोटिस मिली जानकारी के अनुसार प्राचार्य द्वारा संबिंधत शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।इसमें कई चिंताजनक बातें उल्लेख की गई है। इसमें शिक्षिका द्वारा छात्रों के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जाता है। कक्षा का माहौल तनावपूर्ण और डर का बन गया है।छात्र बार- बार शिक्षिका बदलने की मांग कर रहे हैं क्योंकि वे उनके व्यवहार से मानसिक तौर पर प्रभावित हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो शिक्षिका के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। छात्र द्वारा प्राचार्य को लिखित मुख्यालय में नहीं शिकायत सौंपा गया है।शिकायत के अनुसार शिक्षिका द्वारा कक्षा में छात्र को अपमानित करने, उसके शैक्षणिक प्रदर्शन पर अशोभनीय टिप्पणी, क्लास के दौरान अनुचित व दुर्व्यवहार जैसे कृत्य करने के आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में यह भी कहा गया है कि शिक्षिका का व्यवहार इतना कठोर और अमानवीय है कि छात्र अब विद्यालय आने में डर असहजता महसूस करता है।
यहां पदस्थ कोई भी शिक्षक नहीं रहते बल्कि हर दिन रायगढ़ से आना-जाना करते हैं। इसके कारण कभी समय पर नहीं पहुंचते तो समय से पहले क्लास छोड़कर चले जाते हैं। यह सब तब हो रहा है जब जिला प्रशासन पहले ही मुख्यालय में अनिवार्य निवास का निर्देश जारी कर चुका है। छात्र अभिभावक और स्थानीय सामाजिक संगठनों में इस पूरे मामले को लेकर भारी नाराजगी है।
विद्यालय भगवान भरोसे, प्रशासन की उदासीनता से विवादों की भरमार
विद्यालय प्रभारी प्राचार्य के भरोसे नहीं बल्कि भगवान भरोसे चलता प्रतीत हो रहा है। कुछ ही दिनों पहले इसी विद्यालय में शासकीय अभिलेखों के गुम हो जाने या जलाए जाने से संबंधित गंभीर विवाद भी सामने आया था। ऐसे अनेक प्रकरण इस स्कूल से लगातार जुड़ते रहे हैं, जिन पर समय रहते कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विवादों की बढ़ती संख्या के बावजूद विकासखंड शिक्षा अधिकारी घरघोड़ा इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, मानो उन्होंने अपने कानों में रूई ठूंस रखी हो-जिससे न तो उन्हें कुछ सुनाई दे रहा है और न दिखाई दे रहा है।





